9 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, धारण विधि।

रुद्राक्ष का महत्व हमारे शास्त्रों और अध्यात्म में अद्वितीय है। प्रत्येक मुख वाला रुद्राक्ष अलग-अलग देवी-देवताओं और ग्रहों से संबंधित होता है। 9 मुखी रुद्राक्ष (Nine Mukhi Rudraksha) माता दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से साहस, शक्ति, निडरता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो भय, नकारात्मकता और बाधाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं।

9 मुखी रुद्राक्ष के स्वामी ग्रह और अधिष्ठाता देवता

  • स्वामी ग्रह – केतु
  • अधिष्ठाता देवता – नवदुर्गा (मां दुर्गा के नौ रूप)
  • राशि – सिंह, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों के लिए विशेष शुभ
  • मंत्र – “ॐ ह्रीं हूम नमः”

9 मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख फायदे

  1. यह भय, चिंता और मानसिक अस्थिरता को दूर करता है।
  2. इसे धारण करने से साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  3. यह केतु ग्रह के दोषों को समाप्त कर शुभ परिणाम देता है।
  4. नकारात्मक ऊर्जा, काला जादू और बुरी नजर से सुरक्षा प्रदान करता है।
  5. राजनीति और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए सफलता दिलाने वाला है।
  6. महिलाओं के लिए यह रुद्राक्ष विशेष रूप से लाभकारी है क्योंकि यह आत्मबल और आत्मनिर्भरता प्रदान करता है।
  7. यह आध्यात्मिक प्रगति और साधना में सहायक है।
  8. इसे पहनने से जीवन में समृद्धि, यश और शक्ति की प्राप्ति होती है।
  9. यह साधक को देवी दुर्गा के नौ रूपों का आशीर्वाद दिलाता है।

9 मुखी रुद्राक्ष के स्वास्थ्य लाभ

  1. मानसिक तनाव, अवसाद और सिरदर्द से राहत देता है।
  2. रक्तचाप और तंत्रिका तंत्र की समस्याओं को संतुलित करता है।
  3. गर्भवती महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है और प्रसव पीड़ा को कम करता है।
  4. त्वचा संबंधी रोग और एलर्जी में आराम देता है।
  5. जोड़ों के दर्द, मधुमेह और अन्य शारीरिक समस्याओं में सहायक है।

किसे पहनना चाहिए 9 मुखी रुद्राक्ष?

  • वे लोग जो निरंतर भय, असुरक्षा या बाधाओं का सामना कर रहे हों।
  • राजनीति, व्यवसाय और प्रशासन से जुड़े व्यक्ति।
  • महिलाएँ जो आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति पाना चाहती हैं।
  • वे साधक जो साधना और आध्यात्मिक शक्ति की ओर अग्रसर हैं।

9 मुखी रुद्राक्ष की धारण विधि

  1. इसे धारण करने से पहले गंगाजल और पंचामृत से शुद्ध करें।
  2. पूजा स्थल पर रखकर देवी दुर्गा और भगवान शिव का आह्वान करें।
  3. धारण करते समय 108 बार “ॐ ह्रीं हूम नमः” मंत्र का जाप करें।
  4. इसे सोने, चांदी या तांबे की धातु या लाल धागे में धारण करें।
  5. इसे शनिवार, मंगलवार या नवरात्रि के शुभ दिन पहनना उत्तम होता है।

9 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम

  • इसे शुद्ध और सकारात्मक स्थिति में ही पहनें।
  • शौचालय या अपवित्र स्थानों पर इसे उतार दें।
  • प्रतिदिन “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ ह्रीं हूम नमः” मंत्र का जाप करें।
  • टूटा या नकली रुद्राक्ष कभी न पहनें।

निष्कर्ष

9 मुखी रुद्राक्ष न केवल स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि साहस, आत्मबल और समृद्धि का भी संचार करता है। यह केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव को समाप्त कर जीवन में सफलता, शक्ति और भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। विशेषकर वे लोग जो भय और बाधाओं से मुक्ति चाहते हैं, उनके लिए यह रुद्राक्ष अत्यंत लाभकारी है।

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